Monday, September 17, 2018

गर्भवती पत्नी के सामने पति की बेरहमी से हत्या

लंगाना के नालगोंडा ज़िले में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है. ज़िले के मिरयालागुडा शहर में एक अस्पताल के बाहर 24 वर्षीय पेरुमाल्ला प्रणय की उसकी गर्भवती पत्नी अमृता के सामने बेरहमी से हत्या कर दी गई.
डॉक्टर से अपनी पत्नी की जांच करवाने के बाद दोनों अस्पताल से बाहर निकले थे, तभी पीछे से एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से प्रणय के गर्दन पर दो बार वार किया.
प्रणय की मौके पर ही मौत हो गई.
प्रणय और अमृता ने इसी साल 31 जनवरी को लव मैरिज किया था और दोनों के परिवार इससे नाराज़ थे. हालांकि प्रणय के परिवार ने बाद में दोनों को अपना लिया. लेकिनअमृता के परिवार वाले नाराज़ ही चल रहे थे.
ऐसे में पुलिस को शक है कि यह ऑनर किलिंग का मामला हो सकता है.रणय दलित हैं और अमृता वैश्य समुदाय की. अमृता के पिता रियल स्टेट कारोबारी हैं.
पुलिस को अमृता के पिता पर हत्या करवाने का शक है क्योंकि दोनों ने यह शादी परिवार की मर्जी के बगैर की थी.
पुलिस ने इस मामले में अमृता के पिता मारुति राव को अभियुक्त-1 और उनके भाई श्रवण को अभियुक्त-2 बनाते हुए कार्रवाई शुरू की है.
प्रणय तब 10वीं कक्षा में और अमृता 9वीं में थी जब दोनों के बीच दोस्ती हुई. दोनों ने बीटेक की पढ़ाई की. फिर जब इन दोनों ने अपने-अपने परिवारों से एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई तो अमृता के पिता मारुति राव ने साफ़ मना कर दिया.सके बाद दोनों ने हैदराबाद जाकर आर्य समाज विधि से शादी की. इसके बाद दोनों वापस लौटे और प्रणय के घर में रहने लगे.
शादी के बाद भी मारुति राव ने अपनी बेटी को वापस बुलाने की कई कोशिशें कीं लेकिन बेटी ने मना कर दिया.
प्रणय के पिता बाला स्वामी ने बीबीसी से कहा कि शादी के दो महीने बाद से ही वो प्रणय की हत्या करना चाहते थे और इस बात को लेकर प्रणय भी परेशान था.
इस बीच अमृता गर्भवती हो गईं.
शुक्रवार को प्रणय और उनकी मां अमृता को लेकर मिरयालागुडा के निजी अस्पताल में उनकी जांच करवाने के लिए गए थे.
वे दोपहर 12 बजे अंदर गए 1.30 बजे जांच खत्म होने के बाद जब वो बाहर आ रहे थे तो एक व्यक्ति ने उनका पीछा किया और कुछ ही दूर पर प्रणय की गर्दन पर तेज़ धारदार हथियार से दो बार वार किया जिससे प्रणय की मौके पर ही मौत हो गई.
हथियार को मौका-ए-वारदात पर छोड़ कर हत्यारा वहां से भागने में कामयाब रहा. ये वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ जिसकी मदद से हत्यारे की पहचान हो गई है, लेकिन फिलहाल उसकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
पुलिस ने बीबीसी को बताया, "शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों ने पुलिस आईजी से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी क्योंकि उन्हें अमृता के पिता से ख़तरा लगता था. ज़िला पुलिस एसपी ने मारुति राव को बुलाया तो उन्होंने पुलिस से कहा कि वो कुछ नहीं करेंगे."
पुलिस ने कहा, "यह हत्या भाड़े के हत्यारे से करवाई गई है और हमने हत्यारे को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की हैं."
प्रणय के पिता ने बीबीसी से कहा, "मारुति राव करोड़पति हैं. वो पैसे के बल पर कुछ न कुछ करेंगे, इसलिए मैंने अपने बहु और बेटे से कहा था कि दोनों दूर चले जाएं. लेकिन मेरी बहू ने जाने से इंकार करते हुए कहा कि वो अपने पिता को इसके लिए मना लेंगी. उसने कहा था कि दोनों कुछ न कुछ काम कर लेंगे."
उन्होंने कहा, "अमृता की उनके माता-पिता से कुछ समय से बातचीत हो रही थी और उन लोगों ने उसे यह विश्वास दिला दिया था कि वो बदल गए हैं, लेकिन उन्होंने मेरे बेटे की हत्या करवा दी."
दलित संगठनों ने मिरयालागुडा में शनिवार को इस हत्या के विरोध में बंद बुलाया.
राज्य की राजधानी से महज 150 किलोमीटर दूर भरी दोपहरी को हुई इस हत्या से लोग सन्न रह गए हैं. हत्या की ख़बर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई और लोग तरह तरह से प्रतिक्रियाएं दे कर अपनी संवेदना प्रकट कर रहे हैं.
अमृता ने इस हत्या से ठीक एक दिन पहले ही फ़ेसबुक पर एक पोस्ट में गणेश चतुर्थी की पूजा का पोस्ट किया और लिखा "फीलिंग ब्लेस्ड" यानी अच्छा महसूस कर रही हूं.
प्रणय की हत्या के बाद इस फ़ोटो पर कई कमेंट्स आ रहे हैं. बहुत से लोग उन्हें 'बहन' संबोधित करते हुए उनसे सहानुभूति जता रहे हैं.
दुष्यंत कुमार ने लिखा, "भगवान कहां हैं? क्यों ऐसा किया? ऐसा आपने भगवान से पूछा तो भी समाधान नहीं मिलेगा. आप साहस जुटाइये. बी ब्रेव."
बहुतों ने लिखा कि ''आप अपने बच्चे में प्रणय को देखो 'बहन'. मज़बूत बने रहो''.
एक ने लिखा, "अपनी जाति को लेकर अहंकार. पैसा और ताक़त है तो कुछ भी कर सकते हैं. ऐसी सोच है. समाज से इस सोच को हटाने के लिए मारुति राव को सज़ा-ए-मौत दी जानी चाहिए.''

Wednesday, September 12, 2018

प्रेस रिव्यू: बढ़ते चालू खाता घाटे से शेयर बाज़ार हुआ धड़ाम

इकोनॉमिक टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ भारत के बढ़ते चालू खाता घाटे ने शेयर बाज़ार की हालत पस्त कर दी है.
सेंसेक्स और निफ्टी ने छह महीने में पहली बार एक दिन में सबसे ज़्यादा की गिरावट दर्ज की है.
रुपये की क़ीमत डॉलर के मुक़ाबले 72.67 हो गई और ये नई रिकॉर्ड गिरावट है.
निवेशकों का मानना है कि चुनावी साल में रुपए और चालू खाता घाटे की ये हालत अर्थव्यवस्था के लिए और दिक्क़तें पैदा कर सकती है.
निफ्टी कल 151 अंक नीचे आ गया और सेंसेक्स में 467.65 अंक की गिरावट आई. मार्च महीने के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट है. में दी गई ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार गन्ने की बकाया राशि का निपटान करने के लिए 5,535 करोड़ रुपये की मदद का पैकेज देगी.
गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले महीने में चीनी मिलों में पेराई शुरू होने से पहले किसानों को उनके गन्ने का पुराना 10,000 करोड़ रुपये का पूरा बकाया चुका दिया जाए.
उन्होंने कहा कि आने वाले हफ़्ते में सहकारी और निजी क्षेत्र की मिलों पर गन्ने की बकाया राशि का निपटान करने के लिए 5,535 करोड़ रुपये की मदद का पैकेज मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा.
सुरेश राणा ने नेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ शुगर फ़ैक्टरीज़ लिमिटेड (एनएफएसएफएल) की वार्षिक आम बैठक के मौके पर ये बात कही.
उन्होंने बताया, "हमने 20 अक्टूबर से नए सत्र की शुरुआत से पहले बकाया राशि को शून्य करने का लक्ष्य रखा है."में दी गई ख़बर के मुता​बिक सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुजरात के पूर्व एटीएस प्रमुख डीजी वंजारा समेत पांच लोगों को बरी कर दिया है.
हाई कोर्ट ने सोमवार को अभियुक्तों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी.
गुजरात की एक निचली अदालत ने डीजी वंजारा समेत चार पुलिस अधिकारियों को आरोपमुक्त कर दिया था. तब सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने इसके ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. ख़बर के मुताबिक दिल्ली सरकार ने सोमवार को 'डोर स्टेप डिलीवरी' योजना की शुरुआत की.
इसके ​जरिए अब लोगों को 40 सेवाओं की घर बैठे सुविधा मिल सकेगी. सरकार का कहना है तीन महीने बाद इसके जरिए 100 तरह की सुविधाएं मिलने लगेंगी.
योजना की शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री अ​रविंद केजरीवाल ने कहा कि अब पिज्जा की तरह सरकारी सुविधाओं की भी डिलिवरी होगी.
इन सेवाओं के लिए आवेदक सुबह आठ से रात दस बजे तक 1076 नंबर पर फ़ोन कर सकते हैं. आवेदक की सुविधा के अनुसार मोबाइल सहायक मिलने के लिए समय तय करेगा. फिर वह घर आकर फॉर्म भरवाएगा और प्र​क्रिया पूरी होने के बाद 50 रूपये का शुल्क लेगा.
बाद में प्रमाणपत्र पोस्ट के जरिए आवेदक के पास पहुंचेगा.में पहले पन्ने पर पीएनबी घोटाले के मामले में मुख्य अभियुक्त नीरव मोदी से जुड़ी ख़बर दी गई है.
इस ख़बर के अनुसार इंटरपोल ने आभूषण व्यापारी नीरव मोदी की बहन और बेल्जियम की नागरिक पूर्वी मोदी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है.
अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. रेड कॉर्नर नोटिस में कहा गया है कि 'धनशोधन' के आरोपों में पूर्वी दीपक मोदी की तलाश की जा रही है.
ग्यारह सितंबर 1893 को शिकागो में हुए विश्व धर्म संसद में विवेकानंद के भाषण की याद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी शिकागो में ही आठ सितंबर को एक भाषण दिया है.
11 सितंबर की जगह आठ सितंबर क्योंकि सप्ताहांत न हो तो काम छोड़कर अमरीका में भाषण सुनने लोग नहीं आते, और विश्व धर्म संसद की जगह विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. आप मोहन भागवत के अंग्रेज़ी में दिए गए 41 मिनट का भाषण सुनेंगे तो आपको समझ में आएगा कि उन्होंने विवेकानंद से कोई प्रेरणा नहीं ली है.
पूरे भाषण के दौरान अमरीकी झंडा बैकग्राउंड में था, वहां न तो कोई भगवा ध्वज था, न ही तिरंगा.
बहरहाल, उन्होंने कई बातें कहीं जिन पर ग़ौर किया जाना चाहिए क्योंकि वो मामूली व्यक्ति नहीं हैं, संसार के सबसे बड़े एनजीओ के प्रमुख हैं जिसे भारत की मौजूदा सरकार अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करती है क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भाजपा की 'मातृसंस्था' है.
मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हमेशा से समस्त संसार का ज्ञान रहा है, भारत के आम लोग भी इन बातों को समझते हैं. इसके बाद उन्होंने एक दिलचस्प सवाल पूछा, "फिर क्या ग़लत हो गया, हम हज़ार साल से मुसीबत क्यों झेल रहे हैं?" इसका जवाब उन्होंने दिया कि ऐसा इसलिए हुआ कि 'हमने अपने आध्यात्मिक ज्ञान के मुताबिक जीना छोड़ दिया.'
ग़ौर करिए कि उन्होंने हज़ार साल की मुसीबत क्यों कहा? संघ का मानना है कि भारत के दुर्दिन अंग्रेज़ी राज से नहीं बल्कि मुसलमानों के हमलों से शुरू हुए, मुग़ल काल को भी वे मुसीबत का दौर मानते हैं.
दरअसल, ऐसे मौक़े याद नहीं आते जब संघ ने अंग्रेज़ी हुकूमत की आलोचना की हो, न अतीत में, न वर्तमान में. आलोचना के मामले में मुग़ल उनके प्रिय रहे हैं.
इसके बाद उन्होंने एक और दिलचस्प बात कही, "आज की तारीख़ में हिंदू समाज दुनिया का ऐसा समाज है जिसमें हर क्षेत्र के मेधावी लोग सबसे अधिक संख्या में मौजूद हैं." न जाने उन्होंने यह निष्कर्ष किस आधार पर निकाला कि हिंदू, अपने हिंदू होने की वजह से यहूदियों, ईसाइयों या मुसलमानों से अधिक प्रतिभाशाली हैं?
यह हिंदू गौरव को जगाने की उनकी कोशिश थी, इसके फ़ौरन बाद उन्होंने कहा कि हिंदू एकजुट होकर काम नहीं करते, यही उनकी सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने एक किस्सा सुनाया कि एकजुट होने के आह्वान पर हिंदू कहते रहे हैं कि "शेर कभी झुंड में नहीं चलते."
उन्होंने कहा, "जंगल का राजा, रॉयल बंगाल टाइगर भी अगर अकेला हो तो जंगली कुत्ते उसे घेरकर, हमला करके मार दे सकते हैं." उनके ऐसा कहते ही हॉल तालियों से गूंज उठा, उन्हें कहने-बताने की ज़रूरत नहीं पड़ी कि वे जंगली कुत्ते किसको कह रहे हैं. ये वही कुत्ते हैं जिनके पिल्ले गाड़ी के नीचे आ जाएं तो प्रधानमंत्री मोदी जी को दुख होता है.
"हिंदू होने पर गर्व करना चाहिए", "हिंदू ख़तरे में हैं" और "हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए"... ये सब संघ का स्थायी भाव है. हिंदुओं को किससे ख़तरा है? हिंदुओं को किस लक्ष्य के लिए एकजुट होना चाहिए, किसके ख़िलाफ़ एकजुट होना चाहिए, इन सवालों के जवाब इशारों में समझाए जाते हैं, चुनाव जैसी विकट स्थितियों में ही मंच से क़ब्रिस्तान-श्मशान कहना पड़ता है.
सरकार आपकी, शेर हैं आप, पुलिस और प्रशासन भी आपका है, डर भी आप ही को लग रहा है. आमिर ख़ान की बीवी किरण राव को डर लगता है वो ग़लत है, आपका वाला डर सच्चा है. क्या ग़ज़ब का डर है.
मोहन भागवत ने कहा कि सभी हिंदू दुनिया को बेहतर बनाना चाहते हैं, वे ईमानदारी से ऐसा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य किसी पर वर्चस्व कायम करना नहीं रहा है, इतिहास में हमारा प्रभाव बहुत रहा है और मेक्सिको से साइबेरिया तक, वहां पर हिंदू साम्राज्य थे, आज भी उन प्रभावों को देखा जा सकता है, और कमाल की बात है कि वहां के लोग इन प्रभावों को संजोकर रखते हैं."
उन्होंने इनके नाम तो नहीं लिए लेकिन माया, इन्का, यूनान और मिस्र जैसी प्राचीन सभ्यताओं के सभी प्रकृतिपूजकों और मूर्तिपूजकों को एक झटके में हिंदू घोषित कर दिया, उन्हें हिंदू साम्राज्य बताकर, वो भारत को गौरवशाली हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए जोश का वातावरण तैयार करना चाहते हैं.
अपने भाषण में भागवत ने महाभारत का ज़िक्र छेड़ा, उन्होंने कहा कि "आज के आधुनिक समय में हिंदुओं की अवस्था वही है जो महाभारत में पांडवों की थी."

Saturday, September 1, 2018

空气污染可影响生殖能力

上海和济南的精子库里三分之二的“捐精”不符合联合国卫生组织的最低精子浓度标准,专家怀疑猜测空气污染或许和“捐精”质量不佳有关。

这份由中国社会科学院、中国气象局联合发布的《气候变化绿皮书:应对气候变化报告( )》,虽然只是简要引用了过往研究的表述,但由于中国的不孕不育夫妻比例目前高达15%,远高于三十年前3%的比例,报告还是引起了公众焦虑。

山东大学附属生殖医院人类精子库主任王丽在接受《大众日报》采访时说:“生殖功能受压力、生活方式、环境等多方面因素影响,但不可否认环境污染造成的不利影响。”

王丽说,来自日照、潍坊等污染相对较轻地区的“捐精”,质量上要比来自地区工业中心济南的好。

上海市人类精子库主任、上海交通大学仁济医院泌尿外科主任医师李铮,近年来观察到男性不孕不育比例的上升。据《新闻晨报》报道,2012年一项由李铮负责的研究发现,最近10年随着环境日趋恶化,男子精液质量每况愈下。

“环境差了,精子就长‘难看’了,甚至游不动了。”李铮告诉当地媒体,“生态稳定不稳定,化验一下精子就能知道。”

新华社在本月早些时候报道,中国社会科学院、中国气象局联合发布的一份报告称,雾霾天气可能会影响人类的生殖能力。

虽然目前还没有确凿的证据显示生殖能力下降与空气污染间有关,但这并不能减轻公众对此的担忧,一篇刊于《人民日报》网站的评论甚至呛声质问:“雾霾影响生殖,谁能安之若素?”。比起2011年年底中国发布的“十二五”规划,“大气十条”涉及的地域更广、提出的措施更严,同时还有强化对地方政府的考核、提出运用经济手段治污、强调调整产业结构等亮点。“大气十条”出台两个月以来,各地政府密集出台了相关落实方案,也体现了一定的积极影响力。

能源基金会环境管理项目主管赵立建对中外对话表示:还有很多具体环节需要予以更大的关注。“大气十条”中的一些措施还不够量化和具体,而已经量化了的目标——2017年煤炭占能源消费比重降到65%以下、京津冀地区PM2.5浓度下降25%两条——还受到许多具体因素的制约。

赵立建说,前者的难度在于,要保证浓度下降这么多,必须减排所有造成PM2.5的一次和二次污染物,且减排幅度要大于25%。而后者的难处则在于,要减少那些主要煤炭消费区域的煤炭绝对量,就是要使这些区域的煤炭消费5年内达到峰值,并且不同程度地下降。2013年8月,国家发改委能源研究所研究员姜克隽曾向新华网表示,在高耗能产业已经接近峰值的背景下,估计2015年中国煤炭消费有望达到峰值,然后逐渐下降。而赵立建认为,这个目标的达成仍然需要很大努力。

赵立建认为,有一些关键因素影响着指标能否达成:首先是执法力度,尤其是对违法处罚的严格程度——这就需要《大气污染防治法》的修订。其次,地方落实空气质量管理政策的能力也是一个重要因素。“很多地方政府没有管理经验,而空气污染防治是一个需要科学决策、系统管理的任务。”另外,数据透明和公众对政策实施的监督也必不可少。最后,虽然“大气十条”提出了要采用经济手段调节煤炭消费,但经济政策如何制定仍待进一步考察——特别是针对煤炭的税费改革,能否有效提升煤炭的使用成本,进而通过市场手段减少煤炭的使用,都还有待进一步明确。

Wednesday, August 29, 2018

延迟退休这事 普京为什么让步了

俄罗斯总统普京宣布将调整延迟退休的计划。过去几周时间里,俄罗斯各地因为此事爆发了愤怒的抗议行为,成千上万人走上街头。这已经影响了普京的支持率。
普京说,俄罗斯女性的退休年龄将从55岁延迟至60岁,而非之前所说的63岁。但男性退休年龄从60岁延迟至65岁的计划不变。
普京罕见地出现在电视讲话中,他表示,俄罗斯的工作年龄人口正在下降,必须作出改变。
根据世界卫生组织( )的统计,俄罗斯男性的人均寿命目前只有66岁,女性为77岁。
来自VTsIOM的民调数据显示,这场耗时数月的争论发生期间,普京的支持率从80%下跌到64%。
普京说,提高男性和女性的退休年龄这件事已经拖了好几年,可能会导致通货膨胀以及贫困人口增加。如果再不着手解决,俄罗斯的稳定和安全都可能面临威胁。
"今天我们看到的劳动生产率以及人口数据等指标的趋势都意味着,不能在浪费时间了,"他在俄罗斯国家电视台节目中表示。我们的决定应该公平,而且体现平衡性。"
在此之前,普京一直远离这场纷争,他过去还承诺过不会提高退休年龄。
在原定于2019年开始执行的新退休方案中,男性退休年龄将从现在的60岁提高到65岁,女性退休年龄则从55岁提高到63岁。普京的表态意味着女性新退休年龄"下降"到60岁。
普京说,俄罗斯一向"优待女性"。
"女性不仅要工作,还要照顾家庭,照顾自己的儿女甚至孙辈。她们延迟退休的年限不应该超过男性。"普京还表示,生育3个或更多子女的女性可以更早退休。
俄罗斯总理梅德韦杰夫稍早前表示,作出延迟退休的决定,是基于该国人均寿命正在提高这一现实。
他说,目前在俄罗斯有1200万领着退休金的人还在工作,几乎相当于领退休金总人口的四分之一。
美国和墨西哥达成双边协议,决定着手修改已有26年历史的北美自由贸易协议(NAFTA)。此前北美自贸协议中的三个贸易伙伴国美国、加拿大、墨西哥之间的磋商已经持续一年多。特朗普一度威胁退出该协定。
周一(8月27日),美国和墨西哥两国达成贸易协定初步方案的消息传出后,特朗普发表声明对此表示了欢迎。
特朗普上任后下令重新商讨1994年制订的北美自贸协议。他指责该协议导致美国工作机会流失,汽车产业受损严重。
美国股市当天强劲上扬,墨西哥比索一度涨逾1.4%。尽管加拿大尚未表态,但加元创近三周新高。

Monday, August 27, 2018

北京首次发布空气重污染红色预警

12月7日北京市环保局发布上述消息说,为保护公众健康,市空气重污染应急指挥部于12月7日18时发布空气重污染预警等级由橙色提升为红色预警。此前,北京市已于12月7日0时启动了空气重污染橙色预警。

红色预警期间,机动车单双号行驶。在此之前,北京只有在举行重大活动时才实施机动车单双号行驶。企事业单位可实行弹性工作制;中小学、幼儿园可以停课;建筑垃圾和渣土运输车、混凝土罐车、砂石运输车等重型车辆禁止上路行驶;施工工地停止室外施工作业;工业企业按红色预警停限产名单实施停产限产措施;禁止燃放烟花爆竹和露天烧烤等。

进入今年秋冬季以来,北京已经遭遇数轮雾霾天气的困扰。今年10月5日北京启动今年下半年首个空气重污染预警,先后发布了8次空气重污染预警,包括两次蓝色预警、三次黄色预警、两次橙色预警、一次红色预警。

今年3月北京修订发布了新版《北京市空气重污染应急预案》,将空气重污染天气分四级,预测“重污染”将持续1天(24小时)为“蓝色”,持续2天(48小时)为“黄色”,持续3天(72小时)为“橙色”,持续3天以上(72小时以上)为预警一级“红色”。

而在此之前,11月26日至12月1日,京津冀及周边地区经历持续的空气重污染。北京市于11月27日14时发布空气重污染黄色预警,11月29日10时,将黄色预警提升至橙色预警。严重污染连续5天,但红色预警并未启动。直等到12月2日凌晨,受冷空气影响,京津冀及周边地区大气扩散条件逐渐好转,空气质量明显改善,至14时,空气重污染过程基本结束。

市民质疑污染超过3天,为何迟迟不发红色预警,难道红色预警只是摆在纸上?专家的解读是,空气质量预测本身的可靠性仍在不断完善,一旦采取高级别预警后,对局部地区的生产生活会产生较大影响,如果措施到位实际污染级别不够,社会可能会对预警的经济性产生质疑。

环保部门分析认为,就整个华北区域而言,原煤燃烧和工业排放是近期重污染过程最主要的来源。就北京而言,主要以本地排放贡献为主,其中机动车排放贡献占比较大。再加上进入冬季后,北京及周边地区的燃煤,以及城乡结合部、农村的散烧监管不到位,供热锅炉等排放量增大。气象条件也是重要原因,与2013年1月和2014年2月的两次重污染天气相比,今冬遭遇的气象条件更加恶劣。

Thursday, August 16, 2018

顾生意还是顾台湾?台商“躺枪”两边不是人

台湾总统蔡英文过境美国喝一杯台湾咖啡也出事?台商、台人游走两岸之间究竟要顾生意、顾赚钱,还是要顾台湾?怕的是最后变成“猪八戒照镜子,两边不是人。”
这个星期台湾总统蔡英文展开“同庆之旅”,出访拉丁美洲友邦,行程中过境美国洛杉矶和休斯敦,参加公开活动,发表公开演讲。
此时,美国也通过《国防授权法案》,加强与台湾的防务关系,支持台湾发展现代国防军力,帮助台湾提升自卫能力。
看似风光的总统出访,却因为过境洛杉矶造访了当地的台湾咖啡店85度C,而意外引发了一场风波,凸显出夹在两岸之间的台湾企业和台湾人的无奈。
蔡英文过境洛杉矶顺道拜访当地的台湾咖啡连锁店85度C,她与随行人员下车进入咖啡店买咖啡,并与店内的台湾籍员工闲话家常,有员工更热情的拿出抱枕给蔡英文签名。
中国的《环球时报》发文谴责这家台商企业85度C给蔡英文送上“大礼包”,在美华侨鹿强指责在大陆开有很多分店的85度C,“如果他们一方面想赚大陆的钱,又一方面又要支持台独,那是无法接受的,应该遭到到唾弃。”
在蔡英文过境美国之前,洛杉矶的中国侨团就组织要在蔡英文过境访问的多个地点围堵拉布条示威抗议,他们当然看不下蔡英文访问台湾企业受到热烈欢迎。
夹在中间的85度C则不幸遭遇“池鱼之殃”,被中国媒体指责为“台独企业”,中国网民纷纷灌爆85度C中国地区微博,扬言抵制,拒买他们的咖啡和面包。
在此情况下,85度C中国官网发表声明,指公司坚定支持九二共识及两岸一家亲信念,对于“台湾当局领导人”来访,是店员拿吉祥物给蔡英文签名,留作私人纪念,并非店家准备大礼包。
台商85度C为了中国生意在第一时间发表声明支持九二共识,反过来在台湾也引起不少人反感。
台湾时代力量立委黄国昌说,成长于台湾的企业85度C,竟屈从中国压力,对此他“非常遗憾、也无法认同”。
黄国昌还说,他本来就不喝85度C,对台湾网友自发性发起拒买运动,他乐观其成。
时代力量立委林昶佐则批评,中国整天搞这种“被道歉”的手段,实在不是文明国家的表现。
蔡英文一个单纯的买咖啡,为海外台湾人加油打气的贴心动作却被解读为台商支持台独,许多台湾人也为85度C抱不平,指责中国政府上纲上线。
85度C台湾总部为了平息台湾人怒火,也发表声明说,企业也有责任要照顾好员工的压力,希望两岸和平发展让商人可以努力拚经济。
台湾总统府发言人黄重谚表示,任何人将自身意识形态强加于国际企业,都不是文明社会应有的表现,总统府谴责这类侵扰市场秩序与言论自由的不当作法。
台湾行政院发言人谷辣斯‧尤达喀尔(Kolas Yotaka)也表示,非常同情85度C,这与之前中国要求各国航空公司改掉台湾名称,是如出一辙的行为,强烈谴责任何特定国家用自以为的意识形态,打压自由市场与国际企业。
类似台商和台湾人被指为“台独企业”,“台独艺人”,甚至只要是被指为“绿色台商”,就跳出来澄清、表态的不尽其数。
不久前,台湾艺人周杰伦的妻子昆凌多年前说的一段话被指为支持台独,引发了两岸网友论战,她本人则表示对政治不懂、也没有兴趣。
最近,台湾一家国际酒店在网站上标注中国台湾,并贴上五星旗,引发台湾网友强烈批评,酒店评比网页上也被负评灌爆。
可想而知的是,随着两岸对抗日益升高,台湾人和台商未来恐怕更难以避免这样的两难局面,怕的是最后落得两面不讨好的下场。

Wednesday, June 27, 2018

碳市场必须在稳定性和应变性之间取得平衡

年12月19日,中国正式启动全国碳排放交易体系(简称ETS),这也是全球履行《巴黎气候协定》过程中又一个具有里程碑意义的事件。中国碳排放交易体系的启动意味着,超过70亿吨的二氧化碳当量(约占全球排放量的15%)已被纳入碳市场管辖。

中国不仅拥有全球最大的电力产业,同时还在全球参与了很多重要产业的开发。因此,碳排放交易体系的成功落地可谓是一项非常艰巨的尝试国际碳行动伙伴组织发布的一份关于全球排放交易的最新报告展现了以往各种排放交易机制犯过的错误,以供中国碳交易系统规划者借鉴。

过去15年,人们在碳市场的设计和运营方面积累了很多经验,中国也是如此。中国近年来一直在推行碳排放交易试点项目,为政策制定者提供了不少关于全国碳交易体系建设的宝贵经验。

也许,从过去十多年来全球碳排放交易体系的运行经验中取得的最重要的结论就是,碳排放轨迹很难预测,各种意想不到的情况都有可能出现。

这也就是说,碳市场必须在稳定性和应变性之间取得平衡。这也就是为什么一些长期运行的体系最近完成的改革动作如此之大的原因(见下表),因为这样才能保证在本世纪20年代完成对外公布的减排目标。

中国不仅拥有全球最大的电力产业,同时还在全球参与了很多重要产业的开发。因此,碳排放交易体系的成功落地可谓是一项非常艰巨的尝试国际碳行动伙伴组织发布的一份关于全球排放交易的最新报告展现了以往各种排放交易机制犯过的错误,以供中国碳交易系统规划者借鉴。

过去15年,人们在碳市场的设计和运营方面积累了很多经验,中国也是如此。中国近年来一直在推行碳排放交易试点项目,为政策制定者提供了不少关于全国碳交易体系建设的宝贵经验。

也许,从过去十多年来全球碳排放交易体系的运行经验中取得的最重要的结论就是,碳排放轨迹很难预测,各种意想不到的情况都有可能出现。

这也就是说,碳市场必须在稳定性和应变性之间取得平衡。这也就是为什么一些长期运行的体系最近完成的改革动作如此之大的原因(见下表),因为这样才能保证在本世纪20年代完成对外公布的减排目标